उन्नाव। यूपी के उन्नाव में सोने की तलाश के लिए हो रही खुदाई का आज दूसरा दिन है। पूरे देश की नजर उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव में राजा राव रामबख्श सिंह के किले पर टिकी हुई हैं। किला परिसर में सोने के खजाने की तलाश के लिए आज एक बार फिर खुदाई का काम शुरू होना है। इससे पहले शुक्रवार को यहां करीब छह इंच ही खुदाई हो पाई।
खुदाई कर रही पुरातत्व विभाग की टीम का कहना है कि खुदाई करीब एक महीना चलेगी। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है। इलाके में तीन किलोमीटर तक बैरिकेडिंग है और पीएसी फोर्स तैनात कर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। खुदाई स्थल के आसपास दो और बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
किले से तीन किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई है। लोगों का आना-जाना बंद कर दिया गया है। मीडिया को भी खुदाई स्थल से 200 मीटर दूर रखा गया है। फिर भी खजाने को देखने के लिए लोगों के यहां जुटने का सिलसिला जारी है।
सोना है या सिर्फ धातु?
खजाने की खोज के पीछे संत शोभन सरकार के सपने की चर्चा है लेकिन खुद संत शोभन ने इससे इनकार किया है, वहीं, जिला प्रशासन का भी कहना है कि ये खुदाई एएसआई और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर हो रही है। रिपोर्ट में यहां किसी धातु की मौजूदगी बताई गई है। अब ये खुदाई के बाद ही तय होगा कि यहां सोना है या कोई और धातु या फिर कुछ भी नहीं। फिलहाल सभी लोग बड़ी उत्सुकता से इस पूरे अभियान पर नजर लगाए हुए हैं।
दुकानें बंद कराईं
एक दिन पहले तक किले के आसपास जो दुकानें खुल गई थीं वो हटा दी गई हैं। लेकिन पगडंडियों के जरिए लोगों का यहां पहुंचना जारी है। ये मजमा लगा तो लखनऊ से कोई 50 किलोमीटर दूर उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में है, लेकिन 500 किलोमीटर दूर दिल्ली तक में इसका असर दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट में खुदाई उसकी निगरानी में कराने की याचिका दाखिल की गई है। मौके पर सेना तैनात करने की मांग की गई है ताकि खजाना मिलने की सूरत में लूटपाट न हो, याचिका मंजूर हो गई है।
सपना कितना सच?
हर जगह यही चर्चा है कि इलाके के संत शोभन ने एक सपना देखा जिसमें एक राजा ने उनसे खजाने की बात कही। शोभन ने दावा किया है कि किले के खंडहर में 1 हजार टन सोना दबा है। साधु ओम जी उन्हीं शोभन सरकार के शिष्य हैं जिन्होंने डौंडिया खेड़ा में राजा राव रामबख्श सिंह के किले के खंडहर में खजाना होने का दावा किया है या यूं कहें कि भविष्यवाणी की है। संत शोभन कभी तस्वीर नहीं खिंचवाते हैं, लेकिन आईबीएन7 से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सपने के आधार पर नहीं बल्कि किले के प्राचीन नक्शों के आधार पर खजाना होने की बात कही है। खुदाई से पहले डौंडिया खेड़ा के मंदिर में बाकायदा पूजा अर्चना की गई, इसके बाद पुरातत्व विभाग ने खुदाई शुरू कर दी। जाहिर इंतजार लंबा है लेकिन सवाल यही है कि संत की बोली खाली जाएगी, या ये खुदाई डौंडिया खेड़ा की झोली 1000 टन सोने के भंडार से भर देगी।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
उधर, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें मांग की गई है कि खुदाई का काम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो और खजाना मिलने की सूरत में लूटपाट न मचे, इसके लिए मौके पर सेना तैनात की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। खजाने की इस खोज को देखने के लिए डौंडिया खेड़ा में आसपास के लोगों का हुजूम लगा है, देशी-विदेशी मीडिया भी पहुंच चुका है। लेकिन तमाशबीन, पत्रकार, सब खुदाई वाली जगह से 200 मीटर दूर हैं। उन्हें वहीं रोक दिया गया है। इलाके में धारा-144 लगा दी गई है। लेकिन आसपास जमा सैकड़ों लोगों की भीड़ हटाने की कवायद होती दिखती नहीं है। इतना ही नहीं, खुदाई की जगह से 3 किलोमीटर दूर तक बैरिकेडिंग कर दी गई है।
