तीन स्तर के सुरक्षा घेरे में किला
किले को पीएसी और स्थानीय पुलिस बल के तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके और यदि कोई खजाना मिलता है तो उसकी सुरक्षा हो सके.
1000 टन सोने की तलाश - जी हां, इस वक्त पूरे देश की नजर उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव पर लगी है, जहां पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई कर रही है। पहले दिन महज 5 इंच की खुदाई हो पाई है। खजाने की झलक पाने के लिए डौंडिया खेड़ा में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। लोगों को दूर रखने के लिए किले से 3 किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई है। मीडिया को भी 200 मीटर दूर रखा गया है।
उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में शुक्रवार को सुबह 11 बजे पुरातत्व विभाग ने संत शोभन की बताई जगह पर जैसे ही खुदाई कि तैयारी शुरू की, यहां मौजूद लोगों की आंखों में 1000 टन स्वर्ण भंडार नाचने लगा। दबे खजाने का सपना अब हर वो शख्स देख रहा है जिसे संत शोभन की भविष्यवाणी पर यकीन है और वो भी जिसे यकीन नहीं है।
खजाने की इस खोज को देखने के लिए डौंडिया खेड़ा में आसपास के लोगों का हुजूम लगा है, देशी-विदेशी मीडिया भी पहुंच चुका है। लेकिन तमाशबीन, पत्रकार सब खुदाई वाली जगह से 200 मीटर दूर हैं। उन्हें वहीं रोक दिया गया है इलाके में धारा-144 लगा दी गई है। लेकिन आसपास जमा सैकड़ों लोगों की भीड़ हटाने की कवायद होती दिखती नहीं है। इतना ही नहीं खुदाई की जगह से 3 किलोमीटर दूर तक बैरिकेडिंग कर दी गई है।
एक दिन पहले तक किले के आसपास जो दुकानें खुल गईं थी वो हटा दी गयी हैं। लेकिन पगडंडियों के जरिए लोगों का यहां पहुंचना जारी है। ये मजमा लगा तो लखनऊ से कोई 50 किलोमीटर दूर उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में है, लेकिन 500 किलोमीटर दूर दिल्ली तक में इसका असर दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट में खुदाई उसकी निगरानी में कराने की याचिका दाखिल की गई है। मौके पर सेना तैनात करने की मांग की गई है ताकि खजाना मिलने की सूरत में लूटपाट न हो। याचिका मंजूर हो गई है।
दूसरी तरफ डौंडिया खेड़ा में खजाना मिलने से पहले ही संत शोभन सरकार के शिष्यों ने ये मांग रख दी है कि उसका इस्तेमाल इलाके के विकास में होना चाहिए। साधु ओम जी उन्हीं शोभंन सरकार के शिष्य हैं जिन्होंने डौडिया खेड़ा में राजा राव रामबख्श सिंह के किले के खंडहर में खजाना होने का दावा किया है या यूं कहें कि भविष्यवाणी की है। संत शोभन कभी तस्वीर नहीं खिंचवाते हैं, लेकिन आईबीएन7 से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सपने के आधार पर नहीं बल्कि किले के प्राचीन नक्शों के आधार पर खजाना होने की बात कही है। खुदाई से पहले डौंडिया खेड़ा के मंदिर में बाकायदा पूजा अर्चना की गई, इसके बाद पुरातत्व विभाग ने खुदाई शुरू कर दी।
हालांकि सबसे पहली खुदाई के लिए 10 बाई 10 मीटर की जगह की पहचान कैसे की गई इस पर पुरातत्व विभाग चुप है, लेकिन उसने ये स्वीकार किया है कि उसे खुदाई के लिए कोई प्राचीन नक्शा नहीं मिला है। प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि खुदाई के नतीजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। जाहिर इंतजार लंबा है, लेकिन सवाल यही है कि संत की बोली खाली जाएगी। या ये खुदाई डौंडिया खेड़ा की झोली 1000 टन सोने के भंडार से भर देगी।
उधर खजाने के लिए खुदाई पर नरेंद्र मोदी ने चुटकी ली है। चेन्नई में उन्होंने उन्नाव में चल रही खुदाई का मजाक उड़ाया और कहा कि केंद्र सरकार सोने की खोज करने के बजाय विदेश में पडे काले धन को लाने की कोशिश करे।
By SUNIL KUMAR DHEENDHWALरोशनी में नहाया अंधेरा किला
एएसआई की टीम के पहुंचने से पहले ये किला वीरान खंडहर हुआ करता था. रात में तो घना अंधेरा छाया ही रहता था. दिन में भी इस भूतिया किले में किसी की जाने की हिम्मत नहीं होती थी, लेकिन खजाने की खोज में ये अंधेरा किला रोशनी से नहा चुका है. यहां हर हरकत पर नजर रखने के लिए रात भर रोशनी का इंतजाम किया गया है.By SUNIL KUMAR DHEENDHWAL
सीसीटीवी कैमरों का पहरा
जहां खुदाई चल रही है वहां सीसीटीवी कैमरों का पहरा है. यहां पर ऐसे चार कैमरे लगाए हैं और ये सभी नाइट विजन कैमरे हैं, यानी ऐसे कैमरे, जो रात में बिजली गुल हो जाने के बाद भी सबकुछ आसानी से कैप्चर कर सकते हैं.
By SUNIL KUMAR DHEENDHWAL
